कागद राजस्थानी

बुधवार, 30 मई 2012

दस कुचरणीं

बस दस कुचरणीं
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1. गुल्फी

ठस्योड़ै पाणीं में
फस्योड़ो घोच्चो !

2. जोड़ायत

टीवी बिना खटकै
देखै नीं बो लटकै !

3. शराब

बारै पड़ी - पड़ी बिकै
मांय गयोड़ी नीं टिकै !

4. ब्यांव

बैठ्या सूत्यां रै अळबाद
पैली लुगाइ पछै औळाद

5. भगवान

घड़ीजै भाठां
चढावै री ठाठां !

6.पुजारी

मिंदर में बजावै घंटी
चोखा जिमावै अंटी !

7. अखबार

रोज रो छप छप आवै
होळी दियाळी सुस्तावै !

8.मास्टर

टाबरां साम्हीं अरड़ावै
लुगाई साम्हीं बरड़ावै !

9. घड़ी

बापड़ी रोज कैवै टिक टिक
के मजाल कोई जावै टिक !

10.

कुरसी में है जबरो जादू
इण रै आगै रिस्ता बादू!

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