कागद राजस्थानी

सोमवार, 16 जुलाई 2012

अमूंझण्यां

* पंदरै अमूंझण्यां*
1.
घर आळा
दूधनाथ-दूधनाथ करै
पण भाई रै
मुंडै विस झरै !
2.
गुरुपाल रै
गुस्सो फूट्यो
बण गुरूजी नै
जम'र कूट्यो !
3.
पवन नाम रो छोरो
चालै भोत ई दोरो !
4.
भाइड़ो सिकन्दर
तीन साल सूं
बैठ्यो है अन्दर !
5.
नांव लक्ष्मीनाथ
पण करजो
सेळा-सोळा हाथ !
6.
देखो भूपति
जूं जित्ती कोनीं
पल्लै सम्पत्ति !
7.
घर आळा
जकै रो नांव
अमरसिंघ धरग्या
बै तो तीन साल पैली
जुखाम सूं मरग्या !
8.
घर में आयगी
जबरी क्रांति
जद सूं
रोळा करण लागी
घरआळी शांति !
9.
बीनणी आई शीला
बण गाळां काढ-काढ
घरआळां नै कर दिया
राबड़ी जिस्सा ढीला !
9.
आपणों पड़ोसी है प्रेम
पण
नफ़रत है उण रो नेम !
10.
खुद रो नांव
बतावै उनमान चांद रो
काच में देखै जणां
लागै एकदम बांदरो !
11
नांव तो रामस्वरूप
पण काम
रावण रै अनुरूप !
12.
सेठ धनपत
करजै में लथपथ !
13.
लुगाई सूं
कुटीजतो आयो है
खुद रो नांव पण
शक्तिसिंध बतायो है !
14.
मीठू कैयां मुळकै
पण मुंडै सूं
जैर ई जैर ढुळकै !
15.
आच्छी करी
छोरै धर्मराज
ब्या खातर
धर्म ई
बदळ लियो आज !

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