कागद राजस्थानी

शनिवार, 26 जनवरी 2013

हंसोकड़ी,

डोकरी
000000
डोकरी बोली
अजकाळै भोत सुणां
प्यार होग्यो-प्यार होग्यो
ओ प्यार आलो रोग
म्हांरली बगत कठै हो
म्हैं तो म्हांरी जूण
नत्थू बाबै लारै गाळ दी
साची पूछो तो
काच्ची कंवळी काया
फोकट में ई बाळ दी ।

टींगर-टींगर्‌यां नै
प्यारिया करता देख
अब बुढापै में रळी आवै
पण बै दिन
अब पाच्छा किंयां आवै
होठां माथै लिपिस्टिक
माथै में डाई कराई है
पण आंख्यां सूं
कोई निजर नीं आवै
आथणगै देखूं तो
गेडियो टेकतो
बो ई नत्थू बूढियो
टसकतो घरां आवै !

अब छेकड़
फेसबुक माथै जाय
खातो खोल्यो है
16 आळी फोटू
61 में लगाई है
देखांण कोई बातड़ी बणै
बणै तो प्यार करूंली
नीं तो जींवतै जी मरूंली !

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...