कागद राजस्थानी

शनिवार, 26 जनवरी 2013

पटाका (कुचरणीं)

पटाका (कुचरणीं)
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मम्मी बोली
जा बेटा काळिया
बजार सूं पटाका ले आ
काळियो बोल्यो
ना मम्मी , ना !
मम्मी पूछ्यो -क्यूं बेटा ?
काळियो बोल्यो
पटाका भोत भारी होवै
म्हां सूं भार ढोईजै कोनीं
आपां तो
पटाकां बिन्यां सार लेस्यां
काल बापूजी
पाड़ोसन अंटी नै
पटाको कैवै हा
अर
गोदी उठावै हा
पण भोत टसकै हा
!

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