कागद राजस्थानी

शनिवार, 26 जनवरी 2013

दूहा,

कळै मूळ राजनीति, धरम करम ना जात ।
हेत बिगाड़ै कुरसड़ी,
कर कर भूंडी घात ।।
आतंकी बिन जात रा, कुणसी उण री जात ।
थूक उछाळै नेतिया, बात बिनां री बात ।।
आतंकी है भायला , मिनख मारणों घात ।
कुणसो धारै धरम नै, कुणसो धारै जात ।।
घोटालां में भायला, कद हिन्दू मुल्ला हाथ ।
देसज लूंटै ऐकला, कुरसी बैठ्या नाथ ।।
जात बणाई नेतियां, ऐ बी सी डी जोड़ ।
बोटां आळी टैम में, जातां हुवै बेजोड़ ।।

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