कागद राजस्थानी

रविवार, 1 अप्रैल 2012

सज्जण-दुरजण

सज्जण चालै साथ में,दुरजण चालै लार ।
नुगरा चालै लुक परा,लोभी डोबै धार ।।
हेत पांगरै धाप में,भूख पांगरै राड़ ।
भाई बांटै खेत नै,काको बांधै बाड़ ।।

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