कागद राजस्थानी

शुक्रवार, 9 अगस्त 2013

*आप बताओ बापजी*


हालत म्हारै देस री, मत ना पूछो आज ।
नेता खावै नोटड़ा, जनता माथै गाज ।।
हाकम होया हरामी,खुल्ली मचावै लूट ।
आप बताओ बापजी,कुणसै दीवी छूट ।।
नेता जी रै हाथ मेँ, भूंडी बेजां चाल ।
जनता रोवै बापड़ी, नेता खावै माल ।।
नेता जी रै आंगणै,चालै है टकसाल ।
बोटां आळी टैम मेँ,बण आवै कंगाल ।।

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