कागद राजस्थानी

बुधवार, 10 अक्तूबर 2012

खाटी पंचलड़ी


जाड़ कुळै तो काढ जाड़ नै ।
झाड़ां आळा छोड जुगाड़ नै ।।
पगां में दिखै कांटा चुभता ।
आगै बध अर काट झाड़ नै ।।
राड़ बधावै घर बाड़ जकी।
ऐड़ी भूंडी बाळ बाड़ नै ।।
गेलै खड़्या पग रोप्यां जका ।

जड़ां खोद'र बगा पहाड़ नै ।।
म्याऊं म्याऊं सुणै न कोई ।
लुळसी सारा सुण दहाड़ नै ।।

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