कागद राजस्थानी

बुधवार, 10 अक्तूबर 2012

डांखळो

  ओ डांखळो बांचो देखाण
  =*=*=*=*=*=*=

बंस नै बधावण खातर होज्या छोरो दोरो सोरो।
मदियो बणावाय'र ल्यायो मोलवी सूं डोरो ।
               छोरो होयो ना छोरी
               जोरु बोली होय दोरी
मरज्याणां कोरै डोरां सूं ई कोनी होवै छोरो ।।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...
इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.