कागद राजस्थानी

रविवार, 21 अक्तूबर 2012

पांच कुचरणीं


1.घाटो
गरीब रै कोनीं
दो टंक आटो
राज करै पूरो
कम्पन्यां रो घाटो
कोई बणै बिडलो
कोई बणै टाटो !

2.फायदो
गरीब रैवै गरीब
अमीर होवै अमीर
राजनीति रो कायदो
अमीर देवै चुणाव में
गरीबी देवै बोटां में
बढ-चढ फायदो !

3.टोल
मोथी-गूंगी जनता रो
राज जाणग्यो डोळ
सड़कां बणाई
अर ठोक दियो टोल !

4.गैस सिलेण्डर
छै सिलेण्डर लेय'र
खूब बणाओ पकोड़ा
खाओ अर करो ऐस
फेर देख्या
आपी बणसी गैस !

5. घोटाला
राजनीति नै घोट-घोट
नेता बणग्या महावीर
घोटै आळा
लंका बाळणीं भूलग्या
घर में चलावै घोटाला !

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