कागद राजस्थानी

रविवार, 21 अक्तूबर 2012

डांखळो

डांखळो
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फेसबुक माथै कविता लिखती चंडी बाई चैंड ।
भोत सराया करतो बापड़ो ऐकलो हसबैंड ।
           भायलां सूं करी अपील
          कमेंट करो बिन्यां ढील
जे अणखांवणां कर दिया तो कर देस्यूं अनफ्रैंड ।

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