कागद राजस्थानी

रविवार, 2 जून 2013

दूहा

चूल्हो मांगै गैसड़ी , गैस मांगै नोट ।
टाबर मांगै रोटड़ी,चाबै बैठ्या होट ।1।
रसोई मांगै आटो , रोटी मांगै साग ।
थकां नोट नीँ बापरै,भूंडा देखो भाग ।2।
मुंगीवाड़ो जीमग्यो , आटो कांदा दाळ ।
किण नै देवां ओळमा, किण नै काढां गाळ ।3।
राज  चलावै आप  री , जनता बोकै आज ।
हाड कुटावै बापड़ी, रोटी मिलै न प्याज ।4।
नेता भेज्या छांटगै, बण बैठ्या सरताज ।
लूट कमावै नोटड़ा,आवै कोनीँ बाज ।5।

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