कागद राजस्थानी

रविवार, 2 जून 2013

कानूनां री भरमार

देस में
कानूनां री भरमार है
नीं मानै जकां रै
पौ बारा है
मानै जकां रै मार है ।

रोटी कोनीं
पण रोटी रो कानून है
पेट भूखा है
पण भूख मुखती रो कानून है
आबरू लुटै
पण आबरू रो कानून है
रुजगार कोनीं
पण रुजगार रो कानून है
आतंक जावै कोनीं
पण आतंक विरोधी कानून है
भ्रष्टाचार मिटै कोनीं
पण भ्रष्टाचार विरोधी कानून है
बोलो मत
लिखो मत
छापो मत
कोरो मत
पण अभिव्यक्ति री
सुतंतरता रो कानून है !

कानून तो
और भी बण सकै
जिण री
राज नै दरकार है
आखर आपणीं चुण्योड़ी
सरकार है
काठा राखो
जे थां खंनै
थांरो कोई विचार है !

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