कागद राजस्थानी

शुक्रवार, 21 जून 2013

*मत चूको श्रीमान*


भिस्टवाड़ै इण देस नै , कर न्हाख़्यो कमजोर ।
अन्ना भेळै आय परा , काढो काळा चोर ।।
अन्ना आळै अंधड़ में, उडसी डूंगर आज ।
दुनियां सगळी देखसी, भारत रो गणराज ।।
पैसा पैसा कूकतां, नेता बणग्या चोर ।
बिल लोकपाल ल्यांवता, आवै कितरो जोर ।।
आज बगत है आण रो, चालो सगळा साथ । 
भिस्टवाड़ै नै बालस्यां, आज बधाओ हाथ ।।

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