कागद राजस्थानी

गुरुवार, 6 जून 2013

*जीत्यां कट्यो कळेस*

हाथ हिलावै 
न पग उठावै
पण भावै 
माल मलिदा
ऐड़ा माणस
कठै खटावै
लड़ै चुणाव
बणै नेता
जीत परा फेर
ढोल बजावै
जाणै जीत्या है
बै हळदी घाटी
पांच साल मुंडै
बांध परा पाटी
हुकम हिलावै
बात करै
ना ताबै आवै
दोन्यूं हाथां
जीमै देस
जनता जाणै
कट्यो कळेस
इसड़ा लोग
जे जावै हार
लगावै धरणां
सड़कां रोकै
बंद करै बाजार
नीं बसै कोई गांव
जे ऐ गांव बसै !

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