कागद राजस्थानी

रविवार, 2 जून 2013

* कुचरणीं *

बेजां कूकतै टाबर नै
बिलमावण सारु
मा बोली
अंगूरिया खायलै बेटा
गुलफी खायलै
चॉकलेटड़ी लेलै
चूरमो खायलै
बेटो पण किसो मानज्यै
दूणां बोकाड़ा फाड़्या
दादी बोली
टाबर नै बो खुवा बीनणीं
जको ओ खासी
मा बोली
बाप माथै गयो है
साळो जूत खासी !

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