कागद राजस्थानी

गुरुवार, 20 जून 2013

*कुचरणीं:बैंक डकैती*

बैंक में
सफल डाको मार'र
डकैत बोल्या
नोटड़ा गिणां देखाण
कित्ता लूंट्या है
तो सरदार बोल्यो 
गिणन री खेचळ छोडो 
काल टीवी में देखस्यां
ठाह लाग जासी
पूरी डिटेल आसी !

सिंझ्या
टीवी में खबर आई
"डाकूओं ने बैंक लूटा :
पांच करोड़ रुपये ले भागे"
डाकूआं राजी होय'र
नोट गिण्या तो
दो करोड़ निकळ्या
तो एक डाकू बोल्यो
आपां कित्ती मैनत करी
हाथ तुड़ाया
सिर फुड़ाया
गोडा फुड़ाया है
आपणै फेर भी देखो
दो करोड़ ई
हाथ आया है
अर बिन्नै देखो
कीं कर्‌यां बिन्यां ई
बैंक मनेजरियै
तीन करोड़ कमाया है !

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