कागद राजस्थानी

रविवार, 2 जून 2013

छोरी : तीन चितराम

-एक-

गांव रै स्कूल में 
मन सूं पढै़ छोरी
स्कूल में मिल्यो
होमवर्क
स्कूल में ई सळटावै
फ़ेर घरै आवै
स्कूल रा सबजैक्ट
हिन्दी-गणित-विज्ञान
घरां आंवतां ई
बण जावै
चौको-चूल्हो-बुहारी
भांडा-बरतण-तरकारी !

-दोय-

गांव अर सै’र री
छोरी में देखो फ़र्क
सै’र री छोरी रै
स्कूल रो काम 
होवै होमवर्क
गांव री छोरी रै 
फ़गत घर रो काम ई
होवै हो्मवर्क !

-तीन-

सै’र में
छोरी जे नीं करै
हो्मवर्क
तो स्कूल में पडै़ फ़र्क
गांव में
छोरी जे नीं करै
होमवर्क
तो घर में पडै़ फ़र्क !

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