कागद राजस्थानी

रविवार, 2 जून 2013

सातूं सुख !

1.पहला सुख निरॊगी काया, 
2.दुजा सुख घर मॆ माया
3.तीसरा सुख कुलवन्ती नारी
4.चोथा सुख सुत अधीकारी
5.पाचवा सुख हॊ स्वर्ग वासा
6.छटा सुख मित्र सन्त सजन घनॆरॆ
7.सातवा सुख जगत मॆ किर्ति

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