कागद राजस्थानी

शुक्रवार, 25 अप्रैल 2014

लोकराज


लोकराज इण देसड़ै, नेता लेग्या खोस ।
आपां टेक्या बोटड़ा , किण नै देवां दोस ।1।
नेता ले गै बोटड़ा , बैठ्या भोगै राज ।
थारै पांती कूकणो ,सुणलै बेली आज ।2।
रोटी गाभा झूंपड़ा , मत ना मांगो आप ।
ऐ चीजां तो भायला, नेता खावै धाप ।3।
नेता रै घर जामसी , नेता पाछो काल ।
थारै थूं ई जामसी, सुणलै मेरा लाल । 4 ।
नोट कमासी बापड़ा, बोट नोट रो मेळ ।
मरजी आं री आपरी,कुणसो भेजै जेळ । 5 ।

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