कागद राजस्थानी

गुरुवार, 24 अप्रैल 2014

**पांच कुचरणीं**

1.
-वफा-
वफा करी
कई दफा
नीं लाध्या नफ़ा
नीं पड़ी पार
छेकड़ सोची
कर दफा !
2.
-इश्क-
कदै ई
नीं होवैली
कवर
रिस्क
चाल मनड़ा
आगै खिस्क !
3.
-प्यार-
कर प्यार
फेर
आंख्यां झार
नीं पड़ै पार
थूं ई कर यार !
4.
-नातो-
ईसकै रो
खुल्लो खातो
खुद ई बरतो
खुद ई कातो !
5.
-वादा-
इश्क मेँ
करतां करतां
वादां पर वादा
बणग्या
दादी अर दादा
अब
कांईं बतावां जादा !

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